October 2025

गर्म लोहे पर ठंडा हथौड़ा

“मनुष्य को ठंडा रहना चाहिए, क्रोध नहीं करना चाहिए. लोहा भले ही गर्म हो जाए, हथौड़े को तो ठंडा ही रहना चाहिए अन्यथा वह स्वयं अपना हत्था जला डालेगा। कोई भी राज्य प्रजा पर कितना ही गर्म क्यों न हो जाये, अंत में तो उसे ठंडा होना हीं पड़ेगा।”विचार- श्री सरदार वल्लभभाई पटेल लोहे से […]

गर्म लोहे पर ठंडा हथौड़ा Read More »

डर को भगाओ

डर उसको लगता है जिसे सिर्फ अपनें ऊपर भरोसा रहता है।  वहीं जिसे ईश्वर पर भरोसा हो उसे डर और भविष्य की चिंता नहीं होता। मात्रास्पर्शास्तु कौन्तेय शीतोष्णसुखदुःखदाः |अगामापायिनोऽनित्यास्तांस्तितिक्षस्व भारत || २/१४ || हे कुन्तीपुत्र! सुख तथा दुख का क्षणिक उदय तथा कालक्रम में उनका अन्तर्धान होना सर्दी तथा गर्मी की ऋतुओं के आने जाने

डर को भगाओ Read More »

भारतीय विचारधारा दर्शन

सनातन धर्म भारतीय समाज की प्राचीन मुख्य धारा है जो उसके सांस्कृतिक, सामाजिक, और धार्मिक जीवन को आधारित करती है। इसके मूल तत्वों में समर्पण, सहिष्णुता, और संवेदनशीलता की भावना होती है, जो समाज को समृद्धि और समानता की दिशा में अग्रसर करती है। विविधता और आध्यात्मिकता के माध्यम से, सनातन धर्म भारतीय समाज को

भारतीय विचारधारा दर्शन Read More »

ईश्वर कहां नहीं

ईश्वर कहां नहीं,जगत के कन-कन में भगवान।जिनका गुणगान करते थकते नहीं वेद पुराण।। विज्ञान इस ब्रह्मांड को गुरुत्वाकर्षण के बल पर संचालित होने की बात करता है। परंतु ईश्वर का सत्ता स्वीकार नहीं करना चाहता क्योंकि वह ईश्वर नजर नहीं आता। वेद विज्ञान से पहले से कहता  हुआ आ रहा है , एक चींटी को

ईश्वर कहां नहीं Read More »

आत्मा का रहस्य 05

सबसे पहले तो यह विचार करें कि हमारी स्वयं की भावना हमारे ज्ञान के अनुरूप चलता है अथवा विपरीत चलता है। क्योंकि आपकी भावनाएं कहां तक और किस तरफ जाती है वह आपके सिवा और कोई नहीं जानता। आप किसी भी डॉक्टर आथवा गुरु किसी के पास भी चले जाओ आपके विपरीत भावनाओं का इलाज

आत्मा का रहस्य 05 Read More »

आत्मा का रहस्य 04

आत्मा और शरीर को बिल्कुल अलग-अलग समझना होगा। जब तक बिल्कुल अलग-अलग रूप में नहीं देखेंगे तब तक हम इन दोनों से भावनाओं को अलग नहीं देख पाएंगे। क्योंकि हमारी भावनाएं ही है जो सब कुछ करने पर मजबूर करता है। ऐसा की कहां की हम बचपन से अपने भावनाओं के निर्माण करता है और

आत्मा का रहस्य 04 Read More »

आत्मा का रहस्य 03

सबको पता है शरीर से आत्मा जब निकलता है उसे वक्त कुछ भी नजर नहीं आता। जैसा कि मैंने कहा आत्मा दिखता नहीं इसका मतलब यह नहीं कहा जा सकता की आत्मा नहीं होता। आत्मा शरीर के अंदर रहकर यह जग को प्रमाणित करता है कि मैं हूं और मेरी शक्ति है। आत्मा बार-बार कहता

आत्मा का रहस्य 03 Read More »