November 2025

Angels in the Death Experience – Yamaduta

Indian spiritual tradition mentions the appearance of “angels” and “Yamadutas” at the time of death, but their true nature can be considered a creation of the individual’s own mind. Humans are well aware of their life’s actions; therefore, a mind filled with virtue and peace experiences auspicious manifestations, while guilt and fear create inauspicious manifestations. […]

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श्रीराम कथा : चरित्र का चरम आदर्श

संसार में यदि चरित्र के मापदंड की बात की जाए तो श्रीराम कथा से उत्तम उदाहरण कोई दूसरा नहीं हो सकता। श्रीराम कथा लोगों ने अनेक बार और अनेक प्रकार से सुनी है। लगभग प्रत्येक व्यक्ति रामायण के प्रमुख पात्रों के बारे में जानता और समझता है। आज चर्चा श्रीराम कथा की। रामचरितमानस में एक

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प्रेम, चिंतन और चेतना

क्या बलपूर्वक प्रेम प्राप्त किया जा सकता है? — नहीं, कभी नहीं।प्रेम में यदि समर्पण न हो, तो वह प्रेम नहीं रह जाता। प्रेम में यदि आशा, स्वार्थ या अपेक्षा जुड़ जाए, तो वह भी प्रेम की श्रेणी से बाहर हो जाता है। ऐसा भाव मात्र शारीरिक आकर्षण या सोचा–समझा बौद्धिक आकर्षण हो सकता है,

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सफलता का अटूट सूत्र

मनुष्य के जीवन में प्रयास का महत्व जितना गहरा है, उतना ही व्यापक भी है। यह सर्वविदित है कि निरंतर किया गया परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। कोई भी व्यक्ति प्रयास करने में सक्षम होता है, परंतु उस प्रयास का फल कब और कैसे मिलेगा—यह कहना कठिन है। भविष्य का स्वरूप अनिश्चित है; समय किस

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दूरदृष्टि: बुद्धिमान व्यक्ति

मनुष्य के जीवन में दूरदृष्टि का विशेष महत्व होता है। कोई भी व्यक्ति केवल वर्तमान को समझकर संपूर्ण परिस्थितियों पर नियंत्रण नहीं पा सकता। जो लोग भविष्य में आने वाली संभावित कठिनाइयों का अनुमान लगा लेते हैं, वे अपने निर्णयों को अधिक विवेकपूर्ण और प्रभावी बना पाते हैं। यही क्षमता बुद्धिमान व्यक्ति को भीड़ से

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पसंद और नापसंद : मानव अनुभव का दर्पण

प्रकृति में हर जीव की अपनी प्रवृत्तियाँ और आवश्यकताएँ होती हैं। चिड़िया को दाना पसंद है, घोड़े को घास और शेर को मांस—यह उनके स्वभाव, शरीररचना और जीवनशैली का प्रतिबिंब है। जैसे-जैसे हम जटिल जीवों की ओर बढ़ते हैं, उनकी आवश्यकताएँ और पसंदें भी जटिल होती जाती हैं। मानव जीवन में तो यह जटिलता और

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सत्य, प्रकृति और मनुष्य का अनिवार्य सत्य

कौन है जो मरने वाला नहीं? किसके दिल में दर्द नहीं? किसे बुढ़ापा नहीं आएगा?इन प्रश्नों का उत्तर किसी धर्मग्रंथ या दर्शन में छिपा नहीं—यह प्रकृति का सरल, अटल और निर्विवाद नियम है कि जो जन्म लेता है वह एक दिन अवश्य नाशवान है। मनुष्य का जीवन, उसका दुख—सुख, उसका संघर्ष और उसका अंत—सब इसी

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मन का रणक्षेत्र: सुमति–कुमति और सुख–दुःख का सत्य

वास्तव में शरीर के भीतर ही इंसान और शैतान दोनों बसे होते हैं। जहाँ इंसान का जिक्र होता है, वहीं शैतान का भी उल्लेख होता है। किसी व्यक्ति के अंदर इंसानियत है तो वह इंसान है, और यदि उसके भीतर शैतानीयत है तो वह शैतान है। शैतान कहीं बाहर नहीं, बल्कि शरीर के अंदर ही

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Sanatan System and Character Worship

The foundation of every relationship in the world rests on character. Whether in family or society, respect is bestowed upon those whose conduct is strong, truthful, and dignified. Husband and wife value each other based on character, parents evaluate their son or daughter based on their conduct, and even in society at large, a person’s

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परिश्रम की मंजिल

हर इंसान की मुस्कान के पीछे एक कहानी छिपी होती है। कोई भी ऐसा नहीं जिसके हृदय में दर्द न हो, जिसकी आँखों ने कभी आँसू न देखे हों, या जिसका मन कभी थका न हो। हाँ, हर किसी के जीवन में कोई-न-कोई कसक, कोई संघर्ष, कोई अधूरा सपना होता है। लेकिन यही संघर्ष हमें

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