November 2025

सफलता में सहयोगी

सफलता हर व्यक्ति का सपना होती है, लेकिन यह केवल कठिन परिश्रम का परिणाम नहीं होती। सफलता के लिए सही दिशा, ठोस योजना, सकारात्मक मानसिकता और संसाधनों का समझदारी से उपयोग उतना ही आवश्यक है जितना कि मेहनत। जो व्यक्ति अपने समय और धन का विवेकपूर्ण निवेश करता है, कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखता […]

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महाभारत-भारतीय संस्कृति का महासाहित्य

भारत का इतिहास और सनातन पद्धति अत्यंत विविध और गहरे अर्थों से भरे हुए हैं। यहां के धर्म ग्रंथों का अद्वितीय समूह केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि जीवन के हर पहलू को समझने, जीने और संघर्ष करने की एक अमूल्य धरोहर है। इनमें वेद, उपनिषद, पुराण, गीता, रामायण, महाभारत, रामचरितमानस, और अनेकों महापुरुषों

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वास्तविक भक्त

आज के समय में लोग हर दिशा में ईश्वर को खोजने निकल पड़ते हैं — कोई मंदिर जाता है, कोई तीर्थ, कोई ध्यान में डूब जाता है।लेकिन क्या कभी हमने यह सोचा है कि ईश्वर को खोजने की जरूरत ही क्या है?अगर हमारा मन सच्चा और हृदय पवित्र है, तो वह स्वयं हमारे जीवन में

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माया का बंधन – प्रेरक जीवन प्रसंग

जीवन में हर मनुष्य किसी-न-किसी रूप में बंधन महसूस करता है — कभी धन का, कभी परिवार का, कभी प्रतिष्ठा या इच्छाओं का। हम प्रायः कहते हैं, “यह संसार की माया ने मुझे जकड़ रखा है।” परंतु क्या सचमुच माया ने हमें बाँधा है, या हमने ही माया को पकड़ रखा है? इस प्रश्न का

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मृत्यु के बाद

“मृत्यु अंत नहीं, एक नई यात्रा की शुरुआत है।” वास्तविकता सदैव वास्तविक रहती है। किसी के कहने या सोचने से सत्य नहीं बदलता। प्राचीन इतिहास में अनेक महान आत्माएँ हुईं जिन्होंने मृत्यु के बाद के अनुभवों का वर्णन किया। सभी का दृष्टिकोण अलग था — किसी ने इसे आत्मा की यात्रा कहा, तो किसी ने

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ब्रह्म-जिज्ञासा एवं ईश्वर चिंतन

परब्रह्म परमेश्वर का चिंतन करने से पहले “ब्रह्म” शब्द के अर्थ और भाव पर विचार करना आवश्यक है।वेद-साहित्य की मूल भाषा संस्कृत है, और यह वह भाषा है जिसमें मानव सभ्यता के सबसे प्राचीन विचारों ने शब्द पाया।इसलिए ब्रह्म-जिज्ञासा की चर्चा संस्कृत और वैदिक परंपरा को समझे बिना अधूरी है। संस्कृत का महत्व और ज्ञान

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भारत – सोने की चिड़िया और सनातन संस्कृति का मूल

“सोने की चिड़िया”, यह शब्द हम सभी ने बचपन से कई बार सुना है। धरती पर भारत को कभी सोने की चिड़िया कहा जाता था। एक समय था जब आर्थिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भारत विश्व में प्रथम स्थान पर था। विदेशी यात्री भारत की समृद्धि, संस्कृति और ज्ञान परंपरा से आकर्षित होकर यहां

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वृद्धावस्था का टॉनिक

वृद्धावस्था का टॉनिक, जो जीवन को जीने का विश्वास देता है, वह परम आवश्यक है। वृद्धावस्था में जब समाज धीरे-धीरे साथ छोड़ने लगता है, तब ऐसा प्रतीत होता है जैसे सभी अपने-अपने तरीके से पिंड छुड़ाने लगे हों। यद्यपि अनेक लोग दिलासा देने का कार्य करते हैं, कुछ उनमें से विश्वास जगाने का भी प्रयास

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गीता प्रेस : सनातन धर्म का अमर स्तंभ

गीता प्रेस विश्व का सबसे बड़ा मुद्रण संस्थान है, जो विशेष रूप से सनातन धर्म के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से कार्यरत है। यह लेख गीता प्रेस पर एक स्वतंत्र समीक्षा है, जिसमें यथासंभव निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाने का प्रयास किया गया है। गीता प्रेस को समाज भली-भांति जानता है, अतः इसके परिचय की आवश्यकता

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