अमृत छोड़ विष सेवन
एहि तन कर फल बिषय न भाई।स्वर्गउ स्वल्प अंत दुखदाई॥नर तनु पाइ बिषयँ मन देहीं।पलटि सुधा ते सठ बिष लेहीं॥ ये श्री रामचरितमानस का बहुत चर्चित दोहा है। तुलसी बाबा यहां स्पष्ट कहते हैं। हे भाई! इस शरीर के प्राप्त होने का फल विषयभोग नहीं है। क्योंकि शरीर के सामने स्वर्ग का भोग भी बहुत […]
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