kadvi baat-/कड़वी बात

“कड़वी बातों पर विचार करना आसान नहीं होता, लेकिन अक्सर वही बातें हमें सच्चाई से अवगत कराती हैं। यह लेख उन कटु सत्यों के मनन पर आधारित है जो हमें भीतर तक झकझोर सकते हैं, लेकिन अगर हम इन पर गंभीरता से चिंतन करें, तो जीवन को एक नए दृष्टिकोण से देखने की समझ मिल सकती है। कभी-कभी वही बात जो आज चुभती है, कल हमारी सबसे बड़ी सीख बन जाती है।”

वैदिक पूजन व्यर्थ

शास्त्रोक्त जो भी पूजन क्रिया पूजन के लिए प्रचलित है। वह सभी एक भक्त के द्वारा अंतःकरण की भावना को प्रस्तुत  करने के लिए है। परंतु आश्चर्य की बात है आज के समय प्रयोजन के लिए क्रिया किया जाता है , वह प्रयोजन मात्र क्रिया बनकर रह गया है और क्रिया सिर्फ एक दिखावा के […]

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पोथी का ज्ञान

पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुवा, पंडित   भया   न   कोइ। श्री कबीर दास जी महाराज कहते हैं, पोथी पढ़कर अनेंक लोग इस दुनिया से चले गए फिर भी पोथी पढ़ कर कोई ज्ञानी नहीं हुआ।तार्किक ज्ञान और आत्मिक ज्ञान में जमीन आसमान का अंतर होता है। तार्किक ज्ञान व्यक्ति को उलझा कर रखता है जबकि आत्मज्ञान व्यक्ति

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