समय की पुकार

समय की भाषा समझना अत्यंत आवश्यक है। अभी नहीं समझोगे तो कब समझोगे। सभी के जीवन की अपनी एक कहानी है। समय के साथ जीना सीखो , समय के विपरीत जब व्यक्ति चलता है तब तूफान आता है। जब तूफान आता है तो व्यक्ति अस्त व्यस्त हो जाता है।

समय की पुकार ( Image source pexels)

इस बात को मानो, यदि नहीं मानोगे तो मानना पड़ेगा। क्योंकि यही समय की सच्चाई है , समय की पुकार है। समय से आगे तुम जा नहीं सकते , समय के विपरीत चलोगे तो फस जाओगे। समय के साथ चलो नहीं तो समय तुम्हें छोड़कर दूर निकल जाएगा।
उसके बाद कड़वी बात – ना किसी का साथ होगा और ना हाथ में कुछ।

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