समय की भाषा समझना अत्यंत आवश्यक है। अभी नहीं समझोगे तो कब समझोगे। सभी के जीवन की अपनी एक कहानी है। समय के साथ जीना सीखो , समय के विपरीत जब व्यक्ति चलता है तब तूफान आता है। जब तूफान आता है तो व्यक्ति अस्त व्यस्त हो जाता है।
इस बात को मानो, यदि नहीं मानोगे तो मानना पड़ेगा। क्योंकि यही समय की सच्चाई है , समय की पुकार है। समय से आगे तुम जा नहीं सकते , समय के विपरीत चलोगे तो फस जाओगे। समय के साथ चलो नहीं तो समय तुम्हें छोड़कर दूर निकल जाएगा।
उसके बाद कड़वी बात – ना किसी का साथ होगा और ना हाथ में कुछ।