एकादश सेवक महाराज

अद्भुत साधन- कर्म योग

भारतवर्ष में संत महात्मा का हमेशा से ही विशेष प्रभाव रहा है। यह वाणी-लेख ”संत एकादश सेवक महाराज” की है । मेरे विचार से यें एक उच्च कोटि के संत हैं और यदा-कदा मेरा उनसे मुलाकात भी होता है। मैंने बहुत संतो को देखा परंतु बिना लाग लपेट के सीधा बोलने वाला यह संत मुझे […]

अद्भुत साधन- कर्म योग Read More »

साधकामृत – साधक संजीवनी

श्रीमद्भागवत गीता के ऊपर प्राचीन काल से शोध होते रहा है। श्रीमद्भागवत गीता प्रेमी अपने – अपने अनुसार से गीता जी को समझते रहे और संसार को समझाते रहे। साधक संजीवनी को समझने के लिए सर्वप्रथम श्रीमद्भागवत गीता के बारे में समझना बहुत ही आवश्यक है। सनातन इतिहास में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा

साधकामृत – साधक संजीवनी Read More »

भ्रम और प्रार्थना

परमेश्वर भक्ति में अनेकों प्रकार के क्रियाएं कहा गया है। उन क्रियाओं में सबसे महत्वपूर्ण क्रिया है परमेश्वर से प्रार्थना। प्रार्थना पर भ्रम के ऊपर चिंतन करें उससे पहले हम कुछ और चिंतन करें। आप एक सामान्य व्यक्ति हैं और कोई भी आपके पास आकर अपने प्रेम का इजहार करें। जब वह प्रेम का इजहार

भ्रम और प्रार्थना Read More »