Prerna / Motivation / प्रेरणा

चिड़िया और इंसान के सपनों का संसार

प्रकृति की शांत सुबह थी। एक छोटी-सी चिड़िया पेड़ की डाल पर बैठी थी। हवा के हल्के झोंके उसके पंखों को सहला रहे थे, पर उसके मन में एक गहरी इच्छा उठ रही थी—चिड़िया चल पड़ती है खाने को,बेचारी चिड़िया क्या करें खोजबीन कर रही है दाने को।जैसे तैसे पेट भर चिड़िया आ गई वापस […]

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वृद्धावस्था : जीवन का अनिवार्य सत्य

इस धरती पर एक ऐसा रोग है, जो जन्म लेते ही मनुष्य के साथ चल पड़ता है—वह है वृद्धावस्था, जिसे हम बुढ़ापा भी कहते हैं। यह ऐसा रोग है कि प्राचीन काल से ही इससे लड़ने के अनेक प्रयास किए जाते रहे हैं। आज भी लोग यही सोचते हैं कि क्या करें कि जीवन का

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हमारा वास्तविक मित्र

मित्रता को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि मित्र कौन होता है और मित्र किसे कहते हैं। मित्र के प्रकार अनेक होते हैं, परंतु वेदों में कहा गया है कि वही व्यक्ति मित्र कहलाता है जो हमारे लिए शुभ सोचे, आवश्यकता पड़ने पर साथ दे और मार्गदर्शन करे। वेद में एक प्रसिद्ध श्लोक

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सुख की खोज और जीवन

वास्तव में सुख कोई खाने की वस्तु नहीं है, न ही यह किसी बाजार में मिलने वाली चीज़ है। सुख तो मन का वह नर्म स्पर्श है, जिसे अनुभव तो किया जा सकता है, पर पकड़ा नहीं जा सकता। यह भावनाओं की तृप्ति से उत्पन्न होता है—कभी क्षणिक, कभी स्थायी, और कभी केवल एक भ्रम

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मृत्यु के क्षण में मन के दर्पण

मानव जीवन मृत्यु के बिंदु पर आकर एक अनोखे रहस्य से घिर जाता है। अनेक धर्मों और लोक-परंपराओं में यह माना जाता है कि मृत्यु के समय देवदूत या यमदूत प्रकट होते हैं और मनुष्य को उसकी अगली यात्रा की ओर ले जाते हैं। किंतु गहरे चिंतन से देखने पर यह बात स्पष्ट होती है

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सफलता का अटूट सूत्र

मनुष्य के जीवन में प्रयास का महत्व जितना गहरा है, उतना ही व्यापक भी है। यह सर्वविदित है कि निरंतर किया गया परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। कोई भी व्यक्ति प्रयास करने में सक्षम होता है, परंतु उस प्रयास का फल कब और कैसे मिलेगा—यह कहना कठिन है। भविष्य का स्वरूप अनिश्चित है; समय किस

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दूरदृष्टि: बुद्धिमान व्यक्ति

मनुष्य के जीवन में दूरदृष्टि का विशेष महत्व होता है। कोई भी व्यक्ति केवल वर्तमान को समझकर संपूर्ण परिस्थितियों पर नियंत्रण नहीं पा सकता। जो लोग भविष्य में आने वाली संभावित कठिनाइयों का अनुमान लगा लेते हैं, वे अपने निर्णयों को अधिक विवेकपूर्ण और प्रभावी बना पाते हैं। यही क्षमता बुद्धिमान व्यक्ति को भीड़ से

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सत्य, प्रकृति और मनुष्य का अनिवार्य सत्य

कौन है जो मरने वाला नहीं? किसके दिल में दर्द नहीं? किसे बुढ़ापा नहीं आएगा?इन प्रश्नों का उत्तर किसी धर्मग्रंथ या दर्शन में छिपा नहीं—यह प्रकृति का सरल, अटल और निर्विवाद नियम है कि जो जन्म लेता है वह एक दिन अवश्य नाशवान है। मनुष्य का जीवन, उसका दुख—सुख, उसका संघर्ष और उसका अंत—सब इसी

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मन का रणक्षेत्र: सुमति–कुमति और सुख–दुःख का सत्य

वास्तव में शरीर के भीतर ही इंसान और शैतान दोनों बसे होते हैं। जहाँ इंसान का जिक्र होता है, वहीं शैतान का भी उल्लेख होता है। किसी व्यक्ति के अंदर इंसानियत है तो वह इंसान है, और यदि उसके भीतर शैतानीयत है तो वह शैतान है। शैतान कहीं बाहर नहीं, बल्कि शरीर के अंदर ही

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परिश्रम की मंजिल

हर इंसान की मुस्कान के पीछे एक कहानी छिपी होती है। कोई भी ऐसा नहीं जिसके हृदय में दर्द न हो, जिसकी आँखों ने कभी आँसू न देखे हों, या जिसका मन कभी थका न हो। हाँ, हर किसी के जीवन में कोई-न-कोई कसक, कोई संघर्ष, कोई अधूरा सपना होता है। लेकिन यही संघर्ष हमें

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