Prerna / Motivation / प्रेरणा

अधिक बल बुद्धि का नाश

एक ताकतवर को खत्म करने के लिए भगवान दूसरा पैदा करता है। यदि वास्तविकता में देखें तो यह प्रकृति का महामंत्र है। यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत ।अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्‌ ॥ ॥परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्‌ ।धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥ 4.7-8 ॥ जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म की वृद्धि होती […]

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कमजोरी लक्ष्य में बाधा

“कभी भी ईश्वर इंसान को कमजोरी देकर पैदा नहीं करता। प्रकृति में इंसान अपनी कमजोरियां स्वयं पैदा करता है।“ किसी भी स्थिति में ईश्वर को दोष दे देते हैं लोग। ‌ ईश्वर को दोष देना बहुत आसान है। जबकि हमारे पूर्वजों ने अपना विचार प्रकट किया है कि ईश्वर किसी के सुख-दुखों में सम्मिलित नहीं

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दुनियां में कितना गम है

गम की दुनिया बहुत बड़ी है। इतनी बड़ी की गम में पड़ा हुआ इंसान उसकी गहराई माप नहीं सकता। जो व्यक्ति गम में जी रहा होता उसे गम की दुनिया एक प्रकार से दलदल के समान प्रतीत होता है। इन्हीं भावनाओं को  यदि शायरी में व्यक्त किया जाए। कोई यह न सोचो, गम में सिर्फ

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विचारों का अधार

जीव का  रूप, आचरण और विचार उसके प्रकृति को व्यक्त करता है। प्रकृति अपने आप में एक रहस्य है। लोगों ने अनेक एलियन के बारे में चर्चा सुना होगा। वैज्ञानिक कहते हैं ब्रह्मांड में ऐसे सैकड़ो पृथ्वी हो सकते हैं जहां पर जीवन हो।   यह सत्य बात है। यदि चिंतन-विचार करें आभास होगा की

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मंगल विचार सुमंगल फल

जहाँ सुमति तहँ संपति नाना।जहाँ कुमति तहँ बिपति निदाना॥ श्री गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं : जहाँ सुबुद्धि है, वहाँ नाना प्रकार की संपदाएँ  अर्थात सुख और समृद्धि रहती हैं और जहाँ कुबुद्धि है वहाँ विभिन्न प्रकार की विपत्ति-दुःख का वाश होता है। यह विचार प्रचलित है – जब व्यक्ति को धन ऐश्वर्य आता है

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दिल बेचैन

दिल कभी जिद करता है, कभी हँसता है, तो कभी रो देता है। उसकी बेचैनी भी वैसी ही होती है  मासूम, स्वाभाविक और अस्थायी। जैसे बच्चा खिलौना न मिलने पर रो देता है, वैसे ही दिल भी किसी अधूरे ख्वाब पर तड़प उठता है। अगर हम हर बार उसके पीछे भागते हैं, तो हम अपनी

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समय की पुकार

समय की भाषा समझना अत्यंत आवश्यक है। अभी नहीं समझोगे तो कब समझोगे। सभी के जीवन की अपनी एक कहानी है। समय के साथ जीना सीखो , समय के विपरीत जब व्यक्ति चलता है तब तूफान आता है। जब तूफान आता है तो व्यक्ति अस्त व्यस्त हो जाता है। इस बात को मानो, यदि नहीं

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शिकायत किससे करते हो

मनुष्य स्वभाव से भावनाओं का जीव है। जब हम किसी से जुड़ते हैं, तो उसके स्वभाव, आदतें और उसके होने का तरीका हमें आकर्षित करता है। यही बातें हमें उसकी ओर खींचती हैं, हमें उसके करीब लाती हैं। लेकिन समय बीतने के साथ, वही बातें जो कभी हमें प्यारी लगती थीं, वही हमारी शिकायतों का

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यह पल वापस कल नहीं

जीवन का सफ़र बहुत तेज़ी से आगे बढ़ता है। जो पल बीत जाते हैं, वे कभी लौटकर नहीं आते। अगर हम ज़रा गहराई से देखें, तो महसूस होगा कि समय हमसे कितनी तेज़ी से निकल रहा है। हर दिन, हर क्षण हमारे जीवन से कुछ न कुछ ले जाता है और कुछ नया दे जाता

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पहचान अपना कौन

कहने को तो इस संसार में सभी अपने होते हैं, कोई पराया नहीं लगता। परंतु जब जीवन में मुसीबत या लाचारी का समय आता है, तब वास्तविकता का अनुभव होता है और हमें सच्चे अपनों की पहचान मिलती है। सुख के समय जो साथ दिखाई देते हैं, वे दुःख के क्षणों में प्रायः दूर हो

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