नाच न जाने आंगन टेढ़ा
इस कहावत का गूढ़ अर्थ यह है कि जब किसी कार्य में असफलता मिलती है, तो व्यक्ति अपनी असमर्थता स्वीकार करने के बजाय बाहरी कारणों को दोष देता है। जैसे नृत्य करना न आना कोई असामान्य बात नहीं है – कोई भी हर क्षेत्र में दक्ष नहीं हो सकता। लेकिन दोष अपने अभ्यास या प्रयास […]
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