Sanatan Review

सनातन में ईश्वर नहीं थोपे जाते, चुने जाते हैं

सनातन धर्म में रामायण एक अद्वितीय ग्रंथ है, और उसमें वर्णित पुरुषोत्तम श्रीराम का चरित्र सर्वोपरि माना जाता है। रामायण केवल एक कथा नहीं, बल्कि एक चरित्र-प्रधान ग्रंथ है, जो अनेक भाषाओं और टीकाओं में उपलब्ध है। समाज में इस ग्रंथ के साथ-साथ उसमें वर्णित चरित्रों की पूजा भी होती है। फिर भी कुछ लोग […]

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सनातन धर्म में ईश्वर का स्वरूप

सनातन धर्म एक अत्यंत प्राचीन और अनुभूत-आधारित विचारधारा है, जिसका उद्देश्य सृष्टि की वास्तविकता को जानना और समझना है। सनातन परंपरा में ईश्वर का स्वरूप अत्यंत गहन और व्यापक विचार का विषय है। समझ की कमी के कारण समाज में प्रायः देवताओं को ही जन्मदाता मान लिया जाता है, जबकि शास्त्रों में स्पष्ट कहा गया

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सनातन संस्कृति : उद्देश्य, स्वरूप और सत्य की खोज

सनातन साहित्य की कथाओं में मतभेद होना स्वाभाविक है। अनेक लोग जीवन भर इन्हीं मतभेदों में उलझकर अपना समय नष्ट कर देते हैं, जबकि कम ही लोग इस बात पर ध्यान देते हैं कि कथा के पीछे छिपा उद्देश्य क्या है। प्राचीन काल में न तो पुस्तकालय थे, न छापाखाने। धर्मग्रंथ महात्माओं द्वारा हाथ से

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सनातन संस्कृति : एक प्राकृतिक दृष्टि

सनातन धर्म को समझने के लिए सर्वप्रथम इसके इतिहास, मूलभाव और दर्शन को जानना आवश्यक है। आज के कुछ इतिहासकारों के मन में यह भ्रम है कि सनातन धर्म किसी व्यक्ति द्वारा निर्मित कोई पंथ है, जबकि वास्तविकता यह है कि सनातन धर्म एक प्राचीनतम, प्राकृतिक और ऑर्गेनिक संस्कृति है—जिसे समय के साथ अनेक परंपराओं,

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Sanatan System and Character Worship

The foundation of every relationship in the world rests on character. Whether in family or society, respect is bestowed upon those whose conduct is strong, truthful, and dignified. Husband and wife value each other based on character, parents evaluate their son or daughter based on their conduct, and even in society at large, a person’s

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भारत – सोने की चिड़िया और सनातन संस्कृति का मूल

“सोने की चिड़िया”, यह शब्द हम सभी ने बचपन से कई बार सुना है। धरती पर भारत को कभी सोने की चिड़िया कहा जाता था। एक समय था जब आर्थिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भारत विश्व में प्रथम स्थान पर था। विदेशी यात्री भारत की समृद्धि, संस्कृति और ज्ञान परंपरा से आकर्षित होकर यहां

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गीता प्रेस : सनातन धर्म का अमर स्तंभ

गीता प्रेस विश्व का सबसे बड़ा मुद्रण संस्थान है, जो विशेष रूप से सनातन धर्म के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से कार्यरत है। यह लेख गीता प्रेस पर एक स्वतंत्र समीक्षा है, जिसमें यथासंभव निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाने का प्रयास किया गया है। गीता प्रेस को समाज भली-भांति जानता है, अतः इसके परिचय की आवश्यकता

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