Shree Sudarshan Singh

श्री सुदर्शन सिंह जी के जीवन से झलकती सरलता और सादगी ही उनके संतत्व की पहचान है। मैंने अपने अनुभव में पाया कि वे अत्यंत विनम्र, सहज और समर्पित व्यक्तित्व हैं।

वास्तविक भक्त

आज के समय में लोग हर दिशा में ईश्वर को खोजने निकल पड़ते हैं — कोई मंदिर जाता है, कोई तीर्थ, कोई ध्यान में डूब जाता है।लेकिन क्या कभी हमने यह सोचा है कि ईश्वर को खोजने की जरूरत ही क्या है?अगर हमारा मन सच्चा और हृदय पवित्र है, तो वह स्वयं हमारे जीवन में […]

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माया का बंधन – प्रेरक जीवन प्रसंग

जीवन में हर मनुष्य किसी-न-किसी रूप में बंधन महसूस करता है — कभी धन का, कभी परिवार का, कभी प्रतिष्ठा या इच्छाओं का। हम प्रायः कहते हैं, “यह संसार की माया ने मुझे जकड़ रखा है।” परंतु क्या सचमुच माया ने हमें बाँधा है, या हमने ही माया को पकड़ रखा है? इस प्रश्न का

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तत्वदर्शी- गृहस्थ संत सुदर्शन सिंह

लेखक अपने विचारों के माध्यम से एक दार्शनिक तत्व को प्रकट करता है। मेरे लिए यह लेख अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज जो कुछ भी मैं लिखता हूं, अथवा मेरे विचारों में जो भी उत्तम शब्द हैं, उनमें से अधिकांश का श्रेय मेरे पूज्य, गृहस्थ संत तत्वदर्शी गुरु जी श्रीमान श्री सुदर्शन सिंह जी को

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