Shrimad Bhagwat Geeta

सभी धर्म को छोड़

अपने-अपने विचार से कुछ लोग श्रीमद् भागवत गीता के ऊपर प्रश्न उठते हैं। एक बहुत ही चर्चित श्लोक है “सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।” सभी धर्म का परित्याग करो और मेरी शरण में आ जाओ। इसका अर्थ वे बताते हैं “सभी धर्म को छोड़कर कृष्ण का धर्म मान लो।”  उस समय हिंदू, मुस्लिम, क्रिश्चियन इत्यादि कोई […]

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संपूर्ण गीता सार

यत्र योगेश्र्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः |तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्ध्रुवो नीतिर्मतिर्मम || १८/७८ || यह श्लोक श्रीमद्भागवत गीता के अंत में संजय ने धृतराष्ट्र से कहा था। विचारणीय बात है इस श्लोक के पहले दिव्य दृष्टि युक्त श्री संजय संपूर्ण गीता का श्रवण कर चुके थे। वे संपूर्ण गीता सुनने के बाद कहते हैं ‘ हे

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