Swami Shri Ramsukhdas Ji Maharaj

सरल और विलक्षण संत – स्वामी रामसुखदास

स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज अपने आप में एक अत्यंत सरल, सादगीपूर्ण और विलक्षण संत थे। उनकी सरलता, सादगी और नि:स्वार्थता की तुलना पूरे संत समाज में किसी से नहीं की जा सकती। भारत के इतिहास में शायद ही कोई ऐसा महान संत हुआ हो, जो इतने ऊँचे आध्यात्मिक स्थान पर होते हुए भी कभी […]

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निष्काम कर्म का विशेष फल

निष्काम कर्म  के आरम्भ का नाश भी नहीं होता और उल्टा फल भी नहीं होता। थोडा-सा भी निष्काम कर्म  महान भय से तार देता है। अन्त काल का थोडा भी भजन-ध्यान तार देता है। अंतकाल का थोडा भी निष्काम भाव भी वृद्धि को प्राप्त होकर कल्याण करता है।                  स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज इंसान पूरे

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ईश्वर की प्राप्ति धर्म

मनुष्य जिस वर्ण,धर्म,आश्रम,संप्रदाय, वेश-भूषा आदि में है। वह वहीं रहते हुए परमात्मा को प्राप्त कर सकता है। परम श्रद्धेय स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज। स्वामी श्री ने स्पष्ट कहा है व्यक्ति किसी भी वर्ण धर्म आश्रम का पालन करता हो। किसी भी संप्रदाय से हो अथवा किसी भी वेशभूषा में रहने वाला हो। वह वहीं

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